Daily Current Affairs




 

मंत्रिमंडल की पीएसएलवी मार्क-3 जारी रखने के कार्यक्रम के छठे चरण को मंजूरी

  • प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पोलर सेटेलाइट प्रक्षेपण यान जारी रखने के कार्यक्रम और इस कार्यक्रम के अंतर्गत 30 पीएसएलवी परिचालन प्रक्षेपण को वित्‍तीय सहायता प्रदान करने की मंजूरी दी है।
  • यह कार्यक्रम पृथ्‍वी अवलोकन, दिशा सूचक और अंतरिक्ष विज्ञान के लिए सेटेलाइट के प्रक्षेपण की आवश्‍यकता को भी पूरा करेगा।
  • इससे भारतीय उद्योग में उत्‍पादन भी जारी रहेगा। कुल 6,131 करोड़ रुपये के कोष की आवश्‍यकता है और इसमें 30 पीएसएलवी यान, आवश्‍यक सुविधा बढ़ाने, कार्यक्रम प्रबंधन और प्रक्षेपण अभियान की लागत शामिल है।
  • पीएसएलवी के परिचालन से देश पृथ्‍वी अवलोकन, आपदा प्रबंधन, दिशा सूचक और अंतरिक्ष विज्ञान के लिए सेटेलाइट प्रक्षेपण क्षमता में आत्‍मनिर्भर बना है।
  • पीएसएलवी जारी रखने के कार्यक्रम से राष्‍ट्रीय जरूरतों के अधिक सेटेलाइट प्रक्षेपण में क्षमता और आत्‍मनिर्भरता बढ़ेगी।
  • पृष्‍ठभूमि- पीएसएलवी सन सिंक्रोनस पोलर ऑर्बिट, जीओ सिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट और लो अर्थ ऑर्बिट प्रक्षेपण अभियान में बहुपयोगी प्रक्षेपणयान के रूप में उभरा है।

 

कैबिनेट ने ऑफ-ग्रिड और विकेंद्रीयकृत सौर पीवी अनुप्रयोग कार्यक्रम के चरण-3 को जारी रखने के लिए स्‍वीकृति दी

  • आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने 2020 तक अतिरिक्‍त 118 एमडब्‍ल्‍यूपी ऑफ-ग्रिड सौर पीवी क्षमता हासिल करने के लिए ऑफ-ग्रिड और विकेंद्रीयकृत सौर पीवी
  • अनुप्रयोग कार्यक्रम के तीसरे चरण को लागू किए जाने के लिए अपनी स्‍वीकृति दे दी।
  • ऑफ-ग्रिड और विकेंद्रीयकृत सौर पीवी (फोटो वोल्टिक) अनुप्रयोग कार्यक्रम के तीसरे चरण में निम्‍नलिखित भाग हैं
  • सौर स्‍ट्रीट लाइट: ग्रिड पावर के माध्‍यम से देश भर में 3 लाख सौर स्‍ट्रीट लाइट्स लगायी जाएंगी, जिसमें मुख्‍य जोर ऐसे क्षेत्रों पर होगा जहां स्‍ट्रीट लाइटिंग सिस्‍टम की
  • सुविधा नहीं है। इनमें मुख्‍य रूप से पूर्वोत्‍तर राज्‍य और वामपंथी चरमपंथ (एलडब्‍ल्‍यूई) प्रभावित जिले शामिल हैं।
  • एकल सौर ऊर्जा संयंत्र: ऐसे क्षेत्रों में 25 केडब्‍ल्‍यूपी (किलो वाट पीक) क्षमता तक के सौर ऊर्जा संयंत्रों को बढ़ावा दिया जाएगा, जहां ग्रिड विद्युत की पहुंच नहीं है या विश्‍वसनीय नहीं है।
  • इस भाग का मुख्‍य उद्देश्‍य विद्यालयों, छात्रावासों, पंचायतों, पुलिस थानों और अन्‍य सरकारी संस्‍थानों को बिजली उपलब्‍ध कराना है।
  • इन सौर ऊर्जा संयंत्रों की कुल क्षमता 100 एमडब्‍ल्‍यूपी होगी।
  • सौर स्‍टडी लैंप –पूर्वोत्‍तर राज्‍यों और एलडब्‍ल्‍यूई प्रभावित जिलों को 25,00,000 सौर स्‍टडी लैंप उपलब्‍ध कराए जाएंगे।

 

भारत में FDI प्रवाह पिछले साल से 4 अरब डॉलर नीचे गिरा

  • संयुक्त राष्ट्र द्वारा एक नई व्यापार रिपोर्ट के मुताबिक, 2016 में भारत में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश 44 बिलियन डॉलर से घटकर 40 अरब डॉलर हो गया, जबकि भारत से
  • बहिर्वाह दक्षिण एशिया में निवेश का मुख्य स्रोत, दोगुना से भी ज्यादा हो गया है |
  • विश्व निवेश रिपोर्ट के अनुसार, व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCTAD) द्वारा 2018 में वैश्विक विदेशी प्रत्यक्ष निवेश प्रवाह 2017 में 23 प्रतिशत
  • गिरकर, 2016 में 1.87 ट्रिलियन अमरीकी डालर से 1.43 ट्रिलियन अमरीकी डॉलर हो गया |




 

बाबा कल्याणी, सेज नीति का अध्ययन करने वाले समूह के प्रमुख होंगे

  • भारत सरकार ने विशेष आर्थिक जोन (सेज) नीति का अध्ययन करने के लिए प्रतिष्ठित व्यक्तियों के एक समूह का गठन किया है।
  • बाबा कल्याणी इस सेज नीति का अध्ययन करने वाले समूह के प्रमुख होंगे।
  • सेज नीति 1 अप्रैल, 2000 से लागू है। इसके बाद मई, 2005 में संसद ने विशेष आर्थिक जोन अधिनियम, 2005 पारित किया और इसे 23 जून, 2005 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली।
  • सेज अधिनियम, 2005 को 10 फरवरी, 2006 से लागू किया गया है।
  • यह समूह सेज नीति का अध्ययन करेगा, वर्तमान आर्थिक परिदृश्य में निर्यातकों की जरूरतों के मुताबिक सुझाव देगा, सेज नीति को डब्ल्यूटीओ के अनुकूल बनायेगा, सेज
  • नीति में सुधार का सुझाव देगा, सेज योजनाओं का तुलनात्मक विश्लेषण करेगा और सेज नीति को अन्य समान योजनाओं के अनुरूप संगत बनाने के लिए सुझाव देगा।
  • यह समूह तीन महीने में अपनी अनुशंसाएं प्रदान करेगा।

 

चुनाव आयोग ने अपना ऑनलाइन आरटीआई पोर्टल लॉन्च किया

  • चुनाव आयोग ने अपना ऑनलाइन आरटीआई पोर्टल लॉन्च किया है |
  • पोर्टल- rti.eci.nic.in सूचना अधिकार अधिनियम के तहत सूचना मांगने वाले आवेदकों की सुविधा प्रदान करेगा |
  • पोर्टल आवेदनों के ऑनलाइन उत्तर की सुविधा भी देता है और पहली अपील करने और इसके उत्तर देने की सुविधा भी प्रदान करता है |
  • चुनाव आयोग 25 जनवरी 1950 को संविधान के अनुसार स्थापित किया गया था |

 

31वां भारत – इंडोनेशिया समन्वित निगरानी (इंड-इंडो कॉर्पेट) अभियान

  • 31वें भारत – इंडोनेशिया समन्वित निगरानी (इंड-इंडो कॉर्पेट) अभियान के समापन समारोह के लिए आईएनएस कुलीश और अंडमान तथा निकोबार कमान का एक डोर्नियर समुद्री गश्‍ती विमान बेलावन, इंडोनेशिया पहुंचा।
  • समापन समारोह 6 से 9 जून 2018 तक आयोजित किया जाएगा। इंड-इंडो कॉर्पेट का शुरूआती समारोह 24 से 25 मई 2018 को पोर्ट ब्‍लेयर में आयोजित किया गया था,
  • जिसके बाद 26 मई से 2 जून 2018 तक समन्वित निगरानी की गई।

 

सी 18-माइका-4 शहरी अपशिष्ट जल से अधिकांश प्रदूषकों को हटा सकता

  • स्पेनिश वैज्ञानिकों ने एक विशेष प्रकार की अवशोषक सामग्री की पहचान की है जो 24 घंटों से भी कम समय में शहरी अपशिष्ट जल में पाए गए प्रदूषकों को सोखने में मदद कर सकती है।
  • सेविले विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने दो प्रकार के फाइलोसिलिकेट का मूल्यांकन किया है।
  • ये सिलिकेट्स का एक उप-वर्ग हैं और बहुत ही अलग वातावरण में साधारण में खनिजों को शामिल करता है।
  • परिणाम बताते हैं कि पदार्थ ‘सी 18-माइका-4’ शहरी अपशिष्ट जल, सतही जल और पीने योग्य जल में पाए जाने वाले अधिकतर प्रदूषकों को समाप्त करने में सक्षम है।




 

आरबीआई शहरी सहकारी बैंकों को लघु वित्तीय बैंकों में बदलने की अनुमति देगा

  • भारतीय रिजर्व बैंक ने कई राज्यों में परिचालन करने वाले बड़े शहरी सहकारी बैंकों को लघु वित्तीय बैंक में बदलने की अनुमति दे दी है, यह प्रक्रिया स्वैच्छिक होगी लेकिन इन्हें कुछ निश्चित मानक पूरे करने होंगे।
  • शहरी सहकारी बैंकों पर तत्कालीन डिप्टी गवर्नर आर गांधी की अध्यक्षता वाली समिति ने इस तरह की सिफारिश अगस्त 2015 में की थी।
  • इनकी सिफारिशों को स्वीकार करते हुए शहरी सहकारी बैंकों को स्वैच्छिक तौर पर लघु वित्तीय बैंक में तब्दील होने की अनुमति दी गई है।
  • सहकारी बैंक दोहरे नियंत्रण की व्यवस्था में काम करते हैं – आरबीआई और राज्य सरकार, दोनों की निगरानी होती है।
  • सहकारी बैंकों के विनियमन पर आरबीआई के पास शक्ति का अभाव है और वाणिज्यिक बैंकों के हिसाब से आरबीआई इसकी निगरानी नहीं कर पाता है।
  • ये चीजें शहरी सहकारी बैंकों के वाणिज्यिकरण में बाधा है।

 

मंत्रिमंडल ने बीमारू केन्‍द्रीय सार्वजनिक उपक्रमों को समयबद्ध तरीके से बंद करने के लिए संशोधित दिशानिर्देशों को मंजूरी दी

  • प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने मंत्रिमंडल ने बीमारू/घाटे में चल रहे केन्‍द्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (सीपीएसई) को समयबद्ध तरीके से बंद करने
  • एवं उनकी चल एवं अंचल संपत्तियों के निपटारे के लिए सार्वजनिक उपक्रम विभाग (डीपीई) के संशोधित दिशानिर्देशों को मंजूरी दे दी है।
  • संशोधित दिशानिर्देशों से बीमारू/घाटे में चल रहे केन्‍द्रीय सार्वजनिक उपक्रमों को बंद करने की योजनाओं को लागू करने में हो रही देरी से निपटने में मदद मिलेगी। ये
  • दिशानिर्देश डीपीई द्वारा सितम्‍बर 2016 में जारी दिशानिर्देश की जगह लेंगे।
  • इन दिशानिर्देशों से सीपीएसई को बंद करने के लिए विभिन्‍न प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने के लिए एक व्‍यापक ढांचा उपलब्‍ध होगा।

 

आरबीआई ने एमएसएमई क्षेत्र को बड़ी राहत दी

  • आरबीआई ने एमएसएमई क्षेत्र के लिए एनपीए क्लॉसिफिकेशन नार्म्‍स में ढील दी है।
  • इससे उन यूनिट्स को राहत मिलेगी जो इनपुट क्रेडिट और ऐसे ही अन्‍य मामलों में परेशानियों का सामना कर रही हैं।
  • इन यूनिटों के लोन को 180 दिनों के बाद ही एनपीए माना जाएगा, जिसके लिए अभी तक 90 दिनों का ही समय मिल रहा था।
  • यह सुविधा जीएसटी और नाॅन जीएसटी वाली दोनों कंपनियों को मिलेगी।




 

केंद्र ने SEZ नीति में बदलाव का सुझाव देने के लिए समूह का गठन किया

  • केंद्र ने भारत फोर्ज बाबा कल्याणी की अध्यक्षता वाले प्रतिष्ठित व्यक्तियों का एक समूह देश की विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) नीति का अध्ययन करने के लिए गठित किया है
  • और निर्यातकों के लिए इसे अधिक प्रासंगिक बनाने और विश्व व्यापार संगठन (WTO) मानदंडों के अनुकूल बनाने के उपायों का सुझाव दिया है |
  • SEZ अधिनियम 2005 में पारित हुआ था, जो निवेशकों को कर प्रोत्साहन दे रहा था, लेकिन क्षेत्र में निवेश को बाद में न्यूनतम वैकल्पिक कर और लाभांश वितरण कर के
  • दायरे में लाया गया जिससे SEZ में पैसे के प्रवाह में कमी आई |

 

भारत ने  2013 से मातृ मृत्यु दर में 22% की गिरावट दर्ज की

  • 2013 से मातृ मृत्यु दर (MMR) में इस तरह से होने वाली मृत्यु में 22 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है |
  • सैंपल पंजीकरण प्रणाली बुलेटिन के अनुसार, 2011-2013 में एमएमआर 167 से घटकर 2014-2016 में 130 हो गयी है |
  • स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 2013 की तुलना में हर दिन 30 से अधिक गर्भवती महिलाओं को भारत में बचाया जा रहा है |

 

भारत में वर्ष 2013 से मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) में रिकॉर्ड 22% की कमी हुई

  • भारत में वर्ष 2013 से मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) में 22% की महत्वपूर्ण कमी दर्ज की गई है।
  • यह जानकारी ‘सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम’ (एसआरएस) बुलेटिन में दी गई।
  • यह मृत्युदर वर्ष 2011-13 में 167 से घटकर 2014-16 में 130 हो गई।
  • एमएमआर को प्रति 1,00,000 जीवित जन्मों के अनुपात के तौर पर परिभाषित किया जाता है। इसमें कहा गया है कि यह गिरावट ‘एम्पॉवर्ड एक्शन ग्रुप’ (ईएजी) राज्यों (246 से घटकर 188) में सबसे महत्वपूर्ण है।
  • मातृ मृत्यु दर पर विशेष बुलेटिन में कहा गया कि दक्षिणी राज्यों में यह 93 से घटकर 77 और ‘‘अन्य’’ राज्यों में 115 से घटकर 93 रह गई है।
  • 2013 की तुलना में 2016 में प्रसव के समय मां की मुत्यु के मामलों में करीब 12 हजार की कमी आई है और ऐसी स्थिति में माताओं की मृत्यु का कुल आंकड़ा पहली बार
  • घटकर 32 हजार पर आ गया है। इसका मतलब यह हुआ कि भारत में 2013 की तुलना में अब हर दिन 30 ज्यादा गर्भवती महिलाओं को बचाया जा रहा है।

 

IIT बॉम्बे ने IIT दिल्ली को सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग वाले भारतीय विश्वविद्यालय के रूप में पीछे छोड़ा किया

  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बॉम्बे (IIT-B), भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बंगलुरु और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली (IIT-D) QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2019 में शीर्ष 200 में हैं |
  • शीर्ष 1,000 में भारतीय विश्वविद्यालयों की संख्या 20 से 24 हो गई है |
  • आईआईटी-बॉम्बे अब देश में शीर्ष संस्थान 2018 से 162 तक 17 पद बढ़ा है, जिसने आईआईटी दिल्ली को विस्थापित किया जो 172 पर बना हुआ था |
  • भारतीय विज्ञान संस्थान ने भी आईआईटी दिल्ली को पीछे छोड़ दिया है और अब वह 170 स्थान पर है. QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग का 15 वां संस्करण, जिसे वैश्विक
  • उच्च शिक्षा विश्लेषकों QS क्वाक्वेरेली साइमंड्स द्वारा जारी किया गया है और जिसे दुनिया में सबसे अधिक आधिकारिक और प्रतिष्ठित रैंकिंग में से एक माना जाता है,
  • ने भारत के आठ शीर्ष रैंक वाले IITs/IISC छह रैंकों में, एक के बाद एक स्थिर दो वर्षों में सुधार को देखा है |




 

 

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